Saturday, March 21, 2026
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PCMSD कॉलेज फॉर विमेन के अंग्रेज़ी विभाग द्वारा एक वर्कशॉप आयोजित

by News 360 Broadcast

न्यूज़ 360 ब्रॉडकास्ट

जालंधर: शहर के पी सी एम एस डी कॉलेज फॉर विमेन के अंग्रेज़ी विभाग ने ‘एल्गोरिदम के दौर में साहित्य पढ़ना: क्या आज भी यह मायने रखता है?’ विषय पर एक वर्कशॉप आयोजित की। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. नरिंदर के. शर्मा थे, जो सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़ पंजाब, बठिंडा के स्कूल ऑफ़ लैंग्वेजेज़, लिटरेचर एंड कल्चर के अंग्रेज़ी विभाग में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर हैं। इस मोके पर वक्ता ने AI (आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस) और अन्य डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के लगातार बढ़ते इस्तेमाल पर अपनी चिंता व्यक्त की; इन तकनीकों ने पूरे शिक्षा परिदृश्य को, विशेष रूप से मानविकी और साहित्य के क्षेत्रों को, पूरी तरह से बदल दिया है।

उन्होंने व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से अपने विचारों को स्पष्ट किया, जिसमें छात्रों से AI का इस्तेमाल करके और बिना AI के दोनों ही तरीकों से एक कविता लिखने को कहा गया। वे यह बात समझाना चाहते थे कि कैसे AI, जो हमारे लिए एक सुविधाजनक साधन है, ने हमारी शैक्षणिक प्रगति को सीमित कर दिया है। किसी साहित्यिक रचना को पढ़ने, उसका विश्लेषण करने और उसकी समीक्षा करने की जो समृद्ध परंपरा है, उसे उसका खोया हुआ गौरव वापस दिलाया जाना चाहिए; और इसे हासिल करने के लिए AI उपकरणों पर निर्भर रहने की आदत को छोड़ देना चाहिए।

इस अभ्यास ने छात्रों को सीखने और रचनात्मकता की प्रक्रिया पर गंभीरता से विचार करने के लिए भी प्रेरित किया। दोनों ही दृष्टिकोणों से प्राप्त परिणामों की तुलना करके, छात्र स्वतंत्र सोच, ग्रंथों के साथ निरंतर जुड़ाव और साहित्यिक अध्ययन के लिए आवश्यक बौद्धिक अनुशासन के महत्व को समझने में सक्षम हुए।

वहीं संस्था के अध्यक्ष नरेश बुधिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद दादा, प्रबंध समिति के अन्य सदस्यों और प्राचार्या डॉ. पूजा पराशर ने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए विभाग और उसकी विभागाध्यक्षा आबरू शर्मा की सराहना की। यह कार्यक्रम इस बात की याद दिलाता है कि जहां एक ओर तकनीक हमें सुविधा और गति प्रदान कर सकती है वहीं दूसरी ओर सच्ची विद्वत्ता धैर्य, गहन चिंतन और मानव की व्याख्या करने तथा कल्पना करने की क्षमता के माध्यम से ही फली-फूली है। गुरजीत कौर, डॉ. इंदु त्यागी और ममता भी इस कार्यक्रम की साक्षी बनीं।

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