
न्यूज़ 360 ब्रॉडकास्ट
जालंधर: HMV, जालंधर में प्राचार्या डॉ. एकता खोसला के दिशा-निर्देशन अधीन वैदिक अध्ययन सोसाइटी द्वारा आर्य युवती सभा के सहयोग से स्वामी दयानन्द सरस्वती जी के जीवन एवं शिक्षाओं विषय पर ऋषि बोध उत्सव अधीन वाद-विवाद एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य युवा छात्राओं को स्वामी दयानन्द सरस्वती जी के वैचारिक योगदान, समाज-सुधारक दृष्टि तथा शिक्षा संबंधी चिंतन से परिचित करवाना था।


सम्पूर्ण कार्यक्रम का आयोजन डीन वैदिक अध्ययन सोसाइटी डॉ. ममता एवं अध्यक्ष आर्य युवती सभा डॉ. मौनू तलवाड़ के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डी.ए.वी. गान से किया गया। मंच संचालन पवन कुमारी द्वारा किया गया। निर्णायक मंडल में अंग्रेजी विभाग से रितु बजाज एवं हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति गोगिया उपस्थित रहे।
डॉ. ममता ने अपने वक्तव्य में छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी दयानन्द जी का राष्ट्र निर्माण, वैदिक मूल्यों तथा सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन में विशिष्ट योगदान रहा है। उनकी विचारधारा आज भी समाज को सही दिशा देने में अमूल्य है। छात्राओं ने स्वामी दयानन्द सरस्वती के जीवन दर्शन, सामाजिक सुधार, नारी शिक्षा, राष्ट्रवाद तथा वैदिक मूल्यों पर प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने पूर्ण आत्मविश्वास, स्पष्ट उच्चारण एवं तर्कपूर्ण प्रस्तुति से श्रोताओं को प्रभावित किया।
प्राचार्या डॉ. एकता खोसला ने आयोजक टीम को बधाई दी एवं कहा कि स्वामी दयानन्द सरस्वती की विचारधारा आज के युग में उतनी ही प्रासंगिक है जितनी उनके समय में थी। उन्होंने सत्य, शिक्षा, समानता और सामाजिक सुधार के मूल्यों को युवाओं के सर्वांगीण विकास का आधार बताया और छात्राओं को उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने हेतु प्रेरित किया।
निर्णायक मंडल ने विषय की गहराई, भाषा शैली एवं प्रस्तुति के आधार पर मूल्यांकन किया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में गुरलीन प्रथम, हरप्रीत एवं मान्या द्वितीय, गीतांजलि एवं रुखसार तृतीय स्थान पर रहे। निबंध लेखन प्रतियोगिता में अनु कुमारी प्रथम, लुम्मी एवं हरप्रीत द्वितीय, सुखमनी कौर एवं तन्वी तृतीय रहे, जबकि वमिका एवं जान्वी को प्रशंसा पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
अंत में डॉ. ममता ने सभी विजेता छात्राओं को बधाई दी एवं आभार व्यक्त किया।
