
न्यूज़ 360 ब्रॉडकास्ट
जालंधर: शहर के इनोसेंट हार्ट्स स्कूल ने बौरी मेमोरियल एजुकेशनल एंड मेडिकल ट्रस्ट के तत्वाधान में चलाए जा रहे दिशा -एन इनीशिएटिव‘ के अंतर्गत टीचर एनरिचमेंट सेशन का आयोजन किया। यह आयोजन संस्थान की सामाजिक विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है। यह सत्र डायरेक्टर सी एस आर डॉ. पलक गुप्ता बौरी द्वारा शिक्षकों के व्यावसायिक विकास हेतु ओरिएंटेशन ड्राइव के रूप में आयोजित किया गया। यह विशेष रूप से फाउंडेशनल स्टेज (बालवाटिका से कक्षा दूसरी तक) के मेंटर्स के लिए तैयार किया गया था।


इस कार्यक्रम में ग्रीन मॉडल टाउन, लोहारा, कैंट-जंडियाला रोड, कपूरथला रोड और नूरपुर रोड सहित विभिन्न शाखाओं के शिक्षकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।सत्र के दौरान डॉ. पलक गुप्ता बौरी ने शिक्षण पद्धतियों को प्रभावी बनाने, बाल-केंद्रित शिक्षा को बढ़ावा देने और कक्षा में सहभागिता को सुदृढ़ करने पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को नवाचारी तरीकों और व्यावहारिक रणनीतियों से सुसज्जित करना था, जो प्रारंभिक शिक्षा की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप हों। “ग्रोइंग टुगेदर: टीचर्स हू शेप हार्ट्स एंड माइंड्स” थीम के अनुरूप, सत्र में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित किया गया कि वे किस प्रकार बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और सकारात्मक व सहयोगात्मक कक्षा वातावरण का निर्माण करते हैं।
वहीं प्रमुख चर्चाओं में व्यक्तिगत तनाव प्रबंधन आज की पीढ़ी की बदलती सोच को समझना, तथा बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालने के महत्व को शामिल किया गया, क्योंकि इससे उनमें चिंता और आत्मविश्वास की कमी हो सकती है। साथ ही यह भी बताया गया कि कई बार शिक्षक अनजाने में अपने डर बच्चों तक पहुँचा देते हैं। उन्होंने एक प्रभावशाली विचार के साथ सत्र का समापन किया कि बच्चों में भ्रम उनकी क्षमता की कमी नहीं, बल्कि शिक्षण में स्पष्टता की कमी को दर्शाता है।”उन्होंने “साथ आना एक शुरुआत है” पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इंटरएक्टिव गतिविधियों व चर्चाओं में सक्रिय सहभागिता दिखाई। कक्षा आधारित एक दृश्य प्रस्तुति ने सीखने के अनुभव को और समृद्ध बनाया, जिससे शिक्षकों को सहानुभूतिपूर्ण और आत्मचिंतनशील शिक्षण दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरणा मिली। यह पहल ‘दिशा’ की शिक्षा के स्तर को उन्नत करने और शिक्षकों को समाज में परिवर्तन के प्रमुख वाहक के रूप में सशक्त बनाने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
