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जालंधर: जालंधर ग्रामीण पुलिस ने एमएफ फारूकी, एडीजीपी सैप जालंधर और जालंधर ग्रामीण के एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क की लीडरशिप में एंटी-ड्रग कैंपेन के तहत अलग-अलग इलाकों में कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (कासो ) चलाया। यह ऑपरेशन सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (लोकल) मुकेश कुमार, डीएसपी, सब डिवीज़न करतारपुर के नरिंदर सिंह औजला, और इंस्पेक्टर रमनदीप सिंह, एसएचओ पुलिस स्टेशन करतारपुर की सुपरविज़न में चलाया गया।

पुलिस को मिली जानकारी के आधार पर टीम द्वारा उन जगहों पर स्पेशल चेकिंग की गई जहां ड्रग्स की बिक्री या ड्रग्स से जुड़ी दूसरी एक्टिविटीज़ की संभावना थी। इस ऑपरेशन के लिए लगभग 125 पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया था। एडीजीपी सैप एमएफ फारुकी जालंधर ने जानकारी शेयर करते हुए बताया कि जालंधर ग्रामीण इलाके में स्पेशल चेकिंग की गई। इस दौरान जिले के सभी सेंसिटिव और हॉटस्पॉट इलाकों में पुलिस ने जॉइंट एक्शन लिया। उन्होंने कहा कि सरकार और डीजीपी पंजाब के निर्देशों के मुताबिक ड्रग्स को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जनता से संपर्क करके और जागरूकता कैंपेन के ज़रिए ड्रग्स की डिमांड कम करने की कोशिशें की जा रही हैं ताकि युवा पीढ़ी इस बुराई से दूर रहे। इसके साथ ही ड्रग्स की सप्लाई लाइन को तोड़ने के लिए सख्त एक्शन लिया जा रहा है और तस्करों का हौसला तोड़ना भी ज़रूरी है। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की तरफ से साफ निर्देश हैं कि हर जिले के अधिकारी खुद इस कैंपेन को लीड करें। इसके तहत एसएसपी जालंधर रूरल की गाइडेंस में सीनियर अधिकारी खुद मौके पर जाकर ऑपरेशन को सुपरवाइज़ कर रहे हैं। नाहरपुर गांव और दूसरे ड्रग्स से प्रभावित इलाकों में सर्च और चेकिंग ऑपरेशन चलाए गए।
जालंधर रूरल पुलिस ने 01.03.2026 से 18.03.2026 तक एंटी-ड्रग कैंपेन के तहत अहम परफॉर्मेंस दर्ज की है। इस दौरान कुल 402 रेड की गईं और 187 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 60 आरोपियों को अभी गिरफ्तार किया जाना बाकी है। इस दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत 104 केस दर्ज किए गए और 122 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत 522 ग्राम हेरोइन, 20किलोग्राम अफीम की भुक्की, 317 ग्राम चरस, 1922 टैबलेट/कैप्सूल और ₹17,800/- ड्रग मनी बरामद की गई।
इसके अलावा आर्म्स एक्ट के तहत 04 केस दर्ज किए गए और 05 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 02 पिस्टल, 01 रिवॉल्वर, 04 कारतूस, 04 खाली खोल और 01 मोटरसाइकिल बरामद की गई। नशा छुड़ाने के उपायों के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 64-ए के तहत 39 नशेड़ियों को भर्ती कराया गया, जबकि 140 लोगों को नशा छुड़ाने वाले सेंटर और 374 लोगों को OOAT सेंटर भेजा गया। इस दौरान जिले में कुल 18 कासो ऑपरेशन किए गए।
इसके साथ ही, ड्रग तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए, 06 गैर-कानूनी प्रॉपर्टी (कुल कीमत लगभग ₹1.50 करोड़) गिराई गई हैं और 07 और केस गिराने का प्रस्ताव है। इस ऑपरेशन का मुख्य मकसद नशेड़ियों की पहचान करके उनका नशा छुड़ाने वाले सेंटर के ज़रिए इलाज करवाना और उन्हें समाज में फिर से शामिल करना है। साथ ही, ड्रग्स की बिक्री या बांटने में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी। जालंधर ग्रामीण पुलिस आने वाले दिनों में जिले में ऐसे नशा विरोधी अभियान जारी रखेगी ताकि ड्रग्स के खतरे को कंट्रोल किया जा सके।