
न्यूज़ 360 ब्रॉडकास्ट
जालंधर: शहर के डी.ए.वी.कॉलेज की कश्यप वनस्पति विज्ञान सभा तथा इको क्लब के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस मनाया गया। वर्ष 2026 के लिए अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस का विषय ‘वन एवं अर्थव्यवस्थाएं’ निर्धारित किया गया था। इस अवसर पर आर्थिक समृद्धि को प्रोत्साहित करने में वनों की महत्त्वपूर्ण भूमिका का उत्सव मनाया गया, क्योंकि वन भोजन, आवास, औषधियां, रेशे, ईंधन, राल, तेल, इमारती लकड़ी तथा अन्य अनेक कच्चे पदार्थों के प्रमुख स्रोत हैं।



इस आयोजन के अंतर्गत बी.एससी. के विद्यार्थियों ने महाविद्यालय परिसर में स्थापित ‘मियावाकी वन’ का अवलोकन किया। इस वन में शीशम, सागौन, सहजन, कचनार, सुखचैन, नीम, ध्रेक, अर्जुन आदि सहित विभिन्न स्थानीय प्रजातियों के 300 से अधिक वृक्ष विद्यमान हैं। विद्यार्थियों को मियावाकी वन की उपयोगिता तथा स्थानीय वृक्षों के आर्थिक महत्त्व के विषय में भी अवगत कराया गया।
वहीं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि वन स्वस्थ एवं सतत जीवन के लिए प्रकृति-आधारित समाधान प्रदान करते हैं। वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं इको क्लब समन्वयक डॉ. कोमल अरोड़ा ने सागौन के महत्त्व पर प्रकाश डाला, जिसके.बी.एस. प्रभारी डॉ. लवलीन ने अन्य वनस्पति प्रजातियों के संदर्भ में और अधिक स्पष्ट किया।
इस अवसर पर प्रो. मनीष खन्ना ( डिप्टी रजिस्ट्रार), डॉ. नवजीत शर्मा (शैक्षणिक अधिष्ठाता), डॉ. सपना शर्मा एवं डॉ. शिवानी वर्मा (सहायक आचार्य), तथा सुशील कुमार (प्रयोगशाला सहायक) भी उपस्थित रहे।
