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जालंधर: शहर के हंसराज महिला महाविद्यालय में प्राचार्या डॉ. एकता खोसला के मार्गदर्शन अधीन एवं पंजाबी विभागाध्यक्ष डॉ. नवरूप के संरक्षण में स्नातकोत्तर पंजाबी विभाग की ओर से तीन दिवसीय सांस्कृतिक प्रदर्शनी कला एवं कलम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अवसर प्राचार्या डॉ. एकता खोसला ने प्रथम दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञानात्मक ज्योति प्रज्वलित कर किया। इस साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में सांस्कृतिक जागरूकता पैदा करना एवं उनको अपनी रचनात्मकता प्रकट करने के लिए मंच प्रदान करना रहा।
इस अवसर पर विद्यार्थियों की ओर से पंजाबी साहित्य से संबंधित अलग- अलग पहलुओं को प्रस्तुत करती प्रदर्शनियां लगाई गई । पंजाबी पहरावे, लोक कला, हाथ से बुनी वस्तुएं एवं पंजाबी विरासत से जुड़ी विभिन्न वस्तुओं ने दर्शकों का मनमोह लिया। इसके अतिरिक्त पंजाबी विरासत, इतिहास और साहित्य संस्कृति के विभिन्नता के बारे में जानने का अवसर मिला। प्राचार्या डॉ. एकता खोसला ने पंजाबी विभाग के इस प्रयास की प्रशंसा की एवं कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वपक्षीय विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी इसी तरह के रचनात्मक कार्य के लिये प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दूसरे दिन भी अलग- अलग विभागों ने भी इस प्रदर्शनी का भ्रमण किया और अपने विचार प्रस्तुत किए। इसी उपलक्ष्य में प्रदर्शनी के तीसरे दिन कवि बीबा बलवंत, हरजीत (पंजाब आर्ट्स कौंसल) और प्रवासी लेखिका परमजीत दियोल ने मुख्यातिथि की भूमिका निभाई। प्रोग्राम की शुरुआत ज्योति प्रज्ज्वलन से की गई। उन्होंने विद्यार्थियों की ओर से तयार की गई प्रदर्शनी की सराहना की एवं उनको सृजनात्मकता की तरफ जाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया और कहा कि कला और कलम जैसे प्रोग्राम युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर पंजाबी विभागाध्यक्ष डॉ नवरूप ने कहा कि पंजाबी साहित्य और संस्कृति हमारी पहचान का अभिन्न अंग है और इसकी रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है विद्यार्थियों की ओर से लगाई गई यह प्रदर्शनी हमारी विरासत एवं हमारे संस्कारों की झलक को प्रस्तुत करते हैं उन्होंने कहा कि ऐसे मंच विद्यार्थियों को उनकी भाषा एवं संस्कृति से जोड़ते हैं। उन्होंने इस प्रोग्राम को सफल बनाने में एम.ए. भाग चतुर्थ की छात्राओं का विशेष रूप से धन्यवाद किया जिनकी मेहनत एवं लगन ने इस प्रदर्शनी को सफल बनाने में अपना अमूल्य योगदान दिया। इस कार्यक्रम को और भी अधिक रोचक बनाने के लिए कवि दरबार का आयोजन भी किया गया। जिसमें कवि बीनब बलवंत, परमजीत दियोल, डॉ नवरूप, कुलजीत कौर, डॉ ममता, डॉ रमनीता, डॉ संदीप कौर ने अपनी कविताएं प्रस्तुत की।
इसके अतिरिक्त डॉ मनदीप कौर ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा कि ऐसी प्रदर्शनियां आज की पीढ़ी को अपने मूल से जोड़ने में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के सदस्यों ने भी प्रदर्शनी का भ्रमण किया और सराहना की। पंजाबी विभाग की ओर से श्रीमती सुखविंदर कौर, सिमरनजीत, अमनप्रीत, मनदीप कौर भी उपस्थित रहे। कुलजीत कौर ने मंच संचालन का कार्यभार निभाया और आभार व्यक्त किया। समग्र रूप से यह सांस्कृतिक प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिए एक यादगार अनुभव सिद्ध हुई।