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जालंधर: शहर के डी.ए.वी. कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की स्वयंसेविकाओं ने पंजाब युवा सेवा विभाग द्वारा आयोजित पाँच-दिवसीय रेजिडेंशियल गर्ल्स कैंप में अत्यंत प्रशंसनीय प्रदर्शन किया। यह शिविर 9 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026 तक मोहाली जिले के मिर्जापुर गांव में आयोजित किया गया। शिविर के दौरान स्वयं सेविकाओं को उनके अनुशासन, उत्साह और नेतृत्व क्षमता के लिए विशेष रूप से सराहा गया।
कॉलेज की सात सदस्यीय टोली का नेतृत्व समूह-नेत्री के रूप में अंशप्रीत कौर (स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार, तृतीय वर्ष) ने किया। उनके साथ खुशनूर कौर ( बी.कॉम, तृतीय वर्ष), नेहा (आर्ट्स , द्वितीय वर्ष), रितु (बी.बी.ए स्नातक, प्रथम वर्ष), ललिमा शर्मा (बी.कॉम स्नातक, प्रथम वर्ष), हरसिमरन कौर बेदी (बी.कॉम , एफ.एस.प्रथम वर्ष) तथा कृतिका (बी.कॉम, प्रथम वर्ष) सम्मिलित थीं। इस शिविर में विभिन्न महाविद्यालयों से कुल 71 प्रतिभागियों ने भाग लिया। शिविर का उद्देश्य शारीरिक सुदृढ़ता, दल-कार्य तथा प्रकृति के साथ आत्मीय संबंध को बढ़ावा देना था।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार के मार्गदर्शन में भाग लेते हुए डी.ए.वी. कॉलेज की स्वयंसेविकाओं ने पहले दिन से ही अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर ली। दल-बंधन अभ्यासों, समूह संगठन तथा उद्घाटन सत्र के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय सहभागिता ने आगामी दिनों के लिए एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया। उनके अनुकरणीय आचरण और नेतृत्व गुणों को देखते हुए, दैनिक सभा के दौरान डी.ए.वी. कॉलेज की एक स्वयंसेविका को संपूर्ण शिविर की “वरिष्ठ प्रतिनिधि” की ज़िम्मेदारी प्रदान कर सम्मानित किया गया।
स्वयंसेविकाओं ने शिविर की सभी प्रमुख गतिविधियों में अत्यधिक ऊर्जा और उत्साह के साथ भाग लिया। इनमें सिसवान बांध तक 13 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा, प्राकृतिक जल स्रोत तक यात्रा, रस्सी-चढ़ाई जैसे साहसिक खेल तथा मिर्ज़ापुर बाँध तक 10 किलोमीटर की समापन पदयात्रा सम्मिलित थी। उन्होंने कठोर शारीरिक प्रशिक्षण, आत्म-प्रबंधन तथा सामूहिक अनुशासन पर आधारित दैनिक दिनचर्या को पूरी निष्ठा से अपनाया और शिविर की सरल तथा प्रकृति-आधारित जीवनशैली में स्वयं को सहज रूप से ढाल लिया।
सांस्कृतिक सत्रों के दौरान भी डी.ए.वी. कॉलेज की स्वयंसेविकाओं का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा। उनके प्रस्तुतिकरण तथा जीवंत सहभागिता की विशेष रूप से प्रशंसा की गई। स्वयंसेविकाओं के लिए यह शिविर एक प्रेरणादायक अनुभव सिद्ध हुआ, जिसने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया, शारीरिक क्षमता में सुधार किया तथा उन्हें नेतृत्व, दल-कार्य और सामुदायिक जीवन का बहुमूल्य अनुभव प्रदान किया।
शिविर के सफल समापन पर महाविद्यालय प्रशासन द्वारा स्वयंसेविकाओं को सम्मानित किया गया। प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार ने स्वयंसेविकाओं को बधाई दी और उन्हें भविष्य में भी इस प्रकार की गतिविधियों में निरंतर भागीदारी के लिए प्रेरित किया। राष्ट्रीय सेवा योजना समन्वयक डॉ. साहिब सिंह तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गुरजीत कौर एवं सुरुचि काटला ने भी स्वयंसेविकाओं को उनकी सराहनीय सहभागिता और शिविर की सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।