वोटिंग;शिमला से सूरत तक शहरी उदासीनता निरंतर जारी है - News 360 Broadcast

वोटिंग;शिमला से सूरत तक शहरी उदासीनता निरंतर जारी है

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न्यूज़ 360 ब्रॉडकास्ट (नेशनल न्यूज़ ): Voting; urban apathy continues from Shimla to Surat : गुजरात चुनाव के पहले चरण में सूरत, राजकोट और जामनगर में राज्य के औसत 63.3% से कम मतदान हुआ है जबकि कई निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत में वृद्धि हुई है। औसत मतदाता मतदान का आंकड़ा इन महत्वपूर्ण जिलों की शहरी उदासीनता से कम हुआ है, जैसा कि हाल ही में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आम चुनाव के दौरान, शिमला के शहरी विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 62.53% (13 प्रतिशत बिंदु से कम) दर्ज किया गया था जबकि राज्य का औसत 75.6% है। गुजरात के शहरों में विधानसभा चुनावों में 1 दिसंबर 2022 को मतदान के दौरान इसी तरह की शहरी उदासीनता दिखाई दी है, इस प्रकार पहले चरण के मतदान के प्रतिशत में कमी आई है। मतदाता मतदान के आंकड़ों पर चिंता व्यक्त करते हुए, भारत निर्वाचन आयोग की ओर से मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री राजीव कुमार ने गुजरात के मतदाताओं से दूसरे चरण के दौरान बड़ी संख्या में बाहर आकर मतदान करने की अपील की है ताकि पहले चरण में कम मतदान की पूर्ति की जा सके। मतदाताओं की भागीदारी में होने वाली वृद्धि से ही 2017 के मतदान प्रतिशत को पार करने की संभावना है।
कच्छ जिले में गांधीधाम विधानसभा, जिसमें औद्योगिक प्रतिष्ठान हैं, ने सबसे कम मतदान प्रतिशत 47.86% दर्ज किया है, जो 2017 में पिछले चुनाव की तुलना में 6.34% की तेज गिरावट है। यह एक नया निम्न रिकॉर्ड भी है। दूसरा सबसे कम मतदान सूरत के करंज निर्वाचन क्षेत्र में हुआ, जो 2017 में के पहले से ही कम 55.91% से 5.37% कम है। गुजरात के प्रमुख शहरों/शहरी क्षेत्रों में न केवल 2017 के चुनावों की तुलना में मतदान प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई है, बल्कि राज्य के औसत 63.3% से भी कम मतदान हुआ है। राजकोट पश्चिम में 10.56% की महत्वपूर्ण कमी दर्ज की गई है।

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