न्यूज़ 360 ब्रॉडकास्ट
जालंधर: शहर के एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स के साइकोलॉजी विभाग द्वारा “वर्ल्ड हैप्पीनेस वीक” के अवसर पर दो दिवसीय वर्कशाप का आयोजन किया गया। वर्कशॉप के पहले दिन “एक्सेप्टेंस एंड कमिटमेंट थेरेपी विद माइंडफुलनैस” विषय पर चर्चा परिचर्चा की गई जिसमें स्रोत वक्ता के रूप में कॉलेज की ही एलुमनाई एवं काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट एंड प्ले थैरेपिस्ट मैडम प्राचिका चोपड़ा उपस्थित हुई। मैडम प्राचिका ने इस विषय पर बात करते हुए विद्यार्थियों को बताया कि आपकी जिंदगी में जो भी घटित हो रहा है उसको लेकर अगर आप हमेशा शिकायत के मूड में रहेंगे तो जिंदगी को सही से जी नहीं पाएंगे और इसका समाधान यही है कि जो भी घटनाएं जिंदगी में घटित हो रही है उसे जागरूकता से स्वीकार करते हुए सकारात्मक ऊर्जा के साथ जिंदगी जीने की कला सीखे।
वहीं वर्कशॉप के दूसरे दिन कॉलेज की ही प्राध्यापिका मैडम हरप्रीत कौर ने “बियोंड द क्लासरूम” विषय पर विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को साइकोलॉजी के क्षेत्र में करियर के विभिन्न अवसरों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि साइकोलॉजी विषय में ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन करके आप सिर्फ स्कूल या कॉलेज की टीचिंग तक ही सीमित नहीं है बल्कि आज इसकी मांग मल्टीनेशनल कंपनियों में भी लगातार बढ़ रही है। मैडम निहरिका मजूमदार ने “कैनवास एंड कथारसिस” विषय पर बात करते हुए विद्यार्थियों को बताया कि कैसे हम खेल-खेल में ही जिंदगी की कठिन समस्याओं का समाधान ढूंढ सकते हैं जरूरत है सिर्फ अपनी मानसिक स्थिति को शांत रखने की।
वहीं कॉलेज की प्राचार्य डॉ नीरजा ढींगरा ने दो दिवसीय वर्कशॉप की सार्थकता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ आजकल मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है क्योंकि सोशल मीडिया के युग में विद्यार्थियों के पास इनफॉरमेशन तो बहुत है लेकिन ज्ञान की कमी है। इस तरह की वर्कशॉप विद्यार्थियों को एक सही राह दिखाती है और अपने मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के सुझाव भी देती है। प्रिंसिपल ने इस दो दिवसीय वर्कशॉप के सफल आयोजन के लिए साइकोलॉजी विभाग की प्राध्यापिका मैडम निहारिका मजूमदार एवं मैडम हरप्रीत कौर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी वे इसी तरह के आयोजन करने का प्रयास करती रहे।