माननीय मुख्य मंत्री सरदार भगवन्त सिंह मान जी को खुला पत्र - News 360 Broadcast
माननीय मुख्य मंत्री सरदार भगवन्त सिंह मान जी को खुला पत्र

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पंजाब के 4 एडिड पॉलीटैक्निक कॉलेजों की सार लें

पंजाब: पंजाब राज्य के चार सब से पुराने और उच्च स्तरीय सरकारी सहायता प्राप्त पॉलीटैक्निक कॉलेज, जिन में डी.ए.वी. ट्रस्ट का मेहर चन्द पॉलीटैक्निक कॉलेज – जलन्धर, ननकाना साहिब ट्रस्ट का गुरु नानक पॉलीटैक्निक कॉलेज – लुधियाना, रामगढ़िया एजुकेशनल कौन्सिल का रामगढ़िया पॉलीटैक्निक कॉलेज – फगवाड़ा और थापर ट्रस्ट का थापर पॉलीटैक्निक कॉलेज, पटियाला शामिल हैं, सरकारी नीति-निर्देशों के अनुसार चलते हैं। यहाँ यह ज्ञातव्य है कि इन कॉलेजों को चलाने के लिये पंजाब सरकार की ओर से 95 प्रतिशत ग्रान्ट दी जाती है। ये चारों ही कॉलेज उच्च स्तरीय गुणवत्ता धारक होने के कारण विद्यार्थियों के पसन्दीदा हैं और लगभग 5 दशकों से तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब के लोगों की सेवा करते हुए अकादमिक, खेल – कूद, सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों में हमेशा अग्रणी रहे हैं। इन कॉलेजों में विद्यार्थियों की प्लेसमेंट भी 100 प्रतिशत है।

यहाँ ध्यान देने योग्य बात यह है कि इन चार पॉलीटैक्निक कॉलेजों में 1999 – 2000 के बाद कोई भी स्थायी स्टाफ़ की भर्ती नहीं की गयी। इन 22 सालों में बहुत से स्टाफ़ मेम्बर रिटायर हो गये, कई लोग इस दुनिया से ही रुख्सत हो गये। ये प्रमुख और श्रेष्ठ कॉलेज मात्र 94 (हर साल एड-हॉक पर भरी जाने वाली टीचिंग पोस्टें) पदों के साथ ही गुज़ारा कर रहे हैं। ये भी सिर्फ टीचिंग के पद हैं, नॉन-टीचिंग के भी कोई पद इन कॉलेजों को नहीं मिलते। और कॉलेजों की गिनती है सिर्फ 4 – उँगलियों पर गिने जाने योग्य, बल्कि हाथ की उँगलियों से भी कम।

उस समय से चल रहे हैं ये कॉलेज, जब पूरे उत्तर भारत में मात्र गिनती के ही कॉलेज हुआ करते थे। तकनीकी शिक्षा की मशाल लेकर ये कॉलेज तब से पंजाब के विद्यार्थियों की सेवा कर रहे हैं, पर अब लगता है स्टाफ़ की कमी के कारण पिछले 20-22 सालों से बीमार चल रहे इन कॉलेजों को जल्द ही लकवा मार जायेगा। ज़रूरत है इनका हाथ थामने की, इनमें सांस फूंकने की। इन कॉलेजों में कई विषयों के कोर्सेज़ में सिर्फ़ एड-हॉक टीचर ही काम कर रहे हैं, कोई भी रेगुलर स्टाफ़ नहीं। लैबों के चार्ज और रूटीन विभागीय काम भी नहीं हो पा रहे। अगर आपको एन.बी. ए. से एक्रेडिटेशन प्राप्त करनी है, जो कि आजकल ए. आई. सी. टी. ई. , नई दिल्ली की ओर से अनिवार्य कर दी गयी है, और अपने आप को उच्च गुणवत्ता युक्त कॉलेजों में शामिल रखना है तो एड-हॉक स्टाफ़ के साथ आवेदन ही नहीं कर सकते। यह सिर्फ़ और सिर्फ़ काम चलाऊ नीति है, जो किसी भी तरह से पंजाब के भविष्य के लिये सही नहीं है।

एक तरफ़ सरकार नित नये सरकारी पॉलीटैक्निक कॉलेज खोलने का ऐलान कर रही है; तो दूसरी ओर पाँच दशकों से भी अधिक समय से तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अथक सेवा निभा रहे सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज बन्द होने के कगार पर हैं। यह किसी भी तरह से तर्कसंगत नहीं है। इन कॉलेजों के स्टाफ़ को कई- कई महीने तनख्वाह नहीं मिलती। इन चारों कॉलेजों का तो बजट भी बहुत कम है। सिर्फ़ 3 से 4 करोड़ रुपये सालाना। आप पंजाब की आवाज़ हो, इसलिए आप को पुरज़ोर अपील करता हूँ कि हमारे हितों की रक्षा की जाये। साथ ही निवेदन करता हूँ कि पंजाब में श्रेष्ठ तकनीकी शिक्षा के भविष्य और प्रसार को मद्दे-नज़ार रखते हुए इन कॉलेजों में रेगुलर स्टाफ़ की भर्ती की जाये ता कि कई दशकों से पंजाब की तकनीकी शिक्षा के प्रकाश स्तम्भ रहे ये कॉलेज गुमनामी के अन्धेरों में न खो जाएं। इन कॉलेजों में पढ़े हुए विद्यार्थी आज चोटी के पदों पर विराजमान होकर कर पंजाब और देश की सेवा कर रहे हैं।

माननीय मान साहिब,

तकनीकी शिक्षा के आकाश के ध्रुव तारे की तरह स्थापित, पंजाब की शान, ये चार पॉलीटैक्निक कॉलेज वो हैं, जिनका सालाना बजट मात्र 3-4 करोड़ रुपये है (जिसका 95 प्रतिशत हिस्सा सरकार द्वारा दिया जाना होता है और 5 प्रतिशत सम्बंधित मैनेजमेन्ट द्वारा)। ये कॉलेज हमेशा पंजाब सरकार का चेहरा बनते आये हैं। हमें इन्फ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरत नहीं, सिर्फ़ स्टाफ़ की कमी को पूरा कर दिया जाये। वह दिन दूर नहीं, जब आगामी 3-4 सालों में इन प्रमुख कॉलेजों में एक भी रेगुलर स्टाफ़ मेम्बर नहीं रहेगा। आज ज़रूरत है सियासी दांव-पेच से ऊपर उठ कर, इन संस्थानों की रक्षा करने की, ताकि पंजाब कहीं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में दूसरे राज्यों से पीछे न रह जाये।

आशा है मेरा निवेदन स्वीकार करते हुए आप सम्बंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश देंगे कि इन कॉलेजों को रेगुलर पद दिये जाएं और समय की माँग अनुसार रिटायर हुए कर्मचारियों की जगह नये पद दिये जाएं जिस से ये कॉलेज फिर से अपनी पहले वाली रंगत में आ कर तकनीकी शिक्षा के प्रचार और प्रसार द्वारा पंजाब की सेवा जारी रख सकें।

डॉ. जगरूप सिंह
प्रिन्सीपल
मेहर चन्द पॉलीटैक्निक कॉलेज
जलन्धर
मोबाइल- 98786-15600

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