KMV द्वारा नैक मेथाडोलॉजी विषय पर वर्कशॉप का आयोजन - News 360 Broadcast
KMV द्वारा नैक मेथाडोलॉजी विषय पर वर्कशॉप का आयोजन

KMV द्वारा नैक मेथाडोलॉजी विषय पर वर्कशॉप का आयोजन

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जालंधर: भारत की विरासत संस्था कन्या महाविद्यालय, आटोनॉमस कालेज, जालंधर के इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल के द्वारा नैक मेथाडोलॉजी विषय पर एक वर्कशॉप का आयोजन करवाया गया। डॉ. बी.एस. पोनमुदिराज, एकेडमिक एडवाइजर, नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल (नैक) ने इस वर्कशॉप का आयोजन करवाया गया। डॉ. बी.एस. पोनमुदिराज, एकेडमिक एडवाइजर, नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल (नैक) ने इस वर्कशॉप में बतौर स्रोत वक्ता शिरकत की।

बांग्लादेश, नेपाल, वियतनाम आदि देशों की यूनिवर्सिटीओं के लिए एक्रीडिटेशन कमेटी के चेयरमैन एवं नैक के द्वारा अंतरराष्ट्रीय डेलिगेशनस के कोऑर्डिनेटर के रूप में कार्यरत डॉ. बी.एस. पोनमुदिराज ने इस आयोजन के दौरान संबोधित होते हुए नैक के द्वारा मूल्यांकन एवं मान्यता की विधि के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संस्थाओं को सही डाटा प्रमाणिकता के लिए अपनी वेबसाइटस पर पूरी डेटाफाइल्स अपलोड करनी चाहिए। एस.एस.आर. अंदरूनी सदस्यों के द्वारा तैयार किया जाए एवं नकली डाटा से बचने की आउटसोर्सेस नहीं होनी चाहिए जिसके साथ संस्थाओं की ब्लैक लिस्टिंग हो सकती है।

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मूल्यांकन के अंकों के आधार पर 70 $फीसदी आधार कंप्यूटर डाटा होता है एवं 30 $फीसदी काम नैक टीम के द्वारा दौरे के दौरान गुणात्मक मैट्रिक्स की पुष्टि के द्वारा किया जाता है। आगे बात करते हुए उन्होंने बताया कि प्रमाण पर आधारित शिक्षा की ओर बढऩे के लिए मैपिंग के साथ-साथ कोर्स आउटकम्स एवं प्रोग्राम आउटकम्स के साथ संबंधित सिलेबस तैयार करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सभी संस्थाओं के द्वारा किराए पर ऑडिट एजेंसियों की बजाए पड़ोसी संस्थाओं के साथ एकेडमिक एडमिनिस्ट्रेटिव ऑडिट एवं ग्रीन ऑडिट का चयन किया जाना चाहिए।

वर्कशॉप के दौरान प्रतिभागियों के द्वारा पूछे गए विभिन्न सवालों के जवाब देते हुए डॉ. पोनमुदीराज ने यह भी स्पष्ट किया कि कैस के लिए केयर लिस्ट के होंद में आने से पहले जनरल•ा में प्रकाशित हुए रिसर्च पेपर•ा पर विचार किया जा सकता है परंतु केयर लिस्ट में उन्हीं पेपर्स को प्रणाणिकता प्रदान की जाएगी जो जनरल्स केयर लिस्ट में शामिल है। सो इसलिए सभी को यू.जी.सी. के द्वारा प्रामाणित जनरल में ही पेपर प्रकाशित करवाने चाहिए।

उल्लेखनीय है कि वर्कशॉप में कन्या महा विद्यालय के साइंस, आई.टी., कॉमर्स एवं आटर््स के 120 से भी अधिक फैकेल्टी मेंबर्स के साथ-साथ पंजाब एवं जम्मू कश्मीर के विभिन्न हिस्सों से 25 डेलीगेट ने भी पूरे जोश एवं उत्साह के साथ भाग लेते हुए अपनी जानकारी में बढ़ोतरी की। विद्यालय प्रिंसीपल प्रो. अतिमा शर्मा द्विवेदी ने विषय की महत्वपूर्ण जानकारी मुहैया करवाने के लिए डॉ. बी.एस. पोनमुदीराज के प्रति आभार व्यक्त किया और इस सफल आयोजन के लिए आई.क्यु.ए.सी. टीम के द्वारा किए गए प्रयत्नों की भी भरपूर प्रशंसा की।

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