जालंधर ने सेवा केंद्र में जीरो पेंडेंसी के लिए 'स्कॉच ऑर्डर ऑफ मेरिट अवार्ड' जीता - News 360 Broadcast
जालंधर ने सेवा केंद्र में जीरो पेंडेंसी के लिए ‘स्कॉच ऑर्डर ऑफ मेरिट अवार्ड’ जीता

जालंधर ने सेवा केंद्र में जीरो पेंडेंसी के लिए ‘स्कॉच ऑर्डर ऑफ मेरिट अवार्ड’ जीता

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न्यूज़ 360 ब्रॉडकास्ट (जालंधर न्यूज़ ): Jalandhar wins ‘Skoch Order of Merit Award’ for zero pendency at Sewa Kendra : डिप्टी कमिश्नर जसप्रीत सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन को जीरो पेंडेंसी के माध्यम से सेवा सुधार के लिए ‘स्कॉच ऑर्डर ऑफ मेरिट अवार्ड’ मिला है। यह पुरस्कार 20 जनवरी को एक वर्चुअल समारोह के दौरान गुरशरण धंजल (स्कॉच ग्रुप के वाइस चेयरपर्सन) द्वारा प्रदान किया गया।

डिप्टी कमिश्नर जसप्रीत सिंह ने पूरी प्रशासनिक टीम की सराहना करते हुए कहा कि स्कॉच अवार्ड हर उस अधिकारी/कर्मचारी का सम्मान है, जिसने एक निर्धारित समय के भीतर लोगों को सेवाएं प्रदान करने के लिए ईमानदार और अनुकरणीय प्रयास किए हैं।अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि नागरिक आवेदनों को संसाधित करने वाले सभी अधिकारियों/कर्मचारियों के प्रदर्शन मूल्यांकन के लिए तहसील या उप तहसील स्तर पर नोडल अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस) के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया के संबंध में हर कार्यालय के प्रदर्शन की प्रतिदिन निगरानी की जाती है।

जसप्रीत सिंह ने कहा कि यदि कोई आवेदन लंबित पाया जाता है तो उसे तुरंत संबंधित अधिकारी को भेजा जाता है। नोडल अधिकारियों को सतर्क किया जाता है, जो इन आवेदनों पर कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं। डिप्टी कमिश्नर ने जीरो पैंडेंसी पहुँच को संबंधित विभाग के अधिकारियों और जिला प्रशासन के बीच सूचना के दोतरफा प्रवाह को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है।

उन्होंने आगे बताया कि प्रशासन द्वारा पेंडेंसी की पहचान करने और उन्हें इसके बारे में जागरूक करने के इलावा ऐसे किसी भी पेंडेंसी के मुख्य कारणों को भी विभागों के जिलाध्यक्षों के साथ साँझा और दर्ज किया जाता है, जिससे विभागों के माध्यम से संरचनात्मक बाधाओं को दूर करना सुनिश्चित किया जाता है ताकि भविष्य में इसी तरह के कारणों से लंबित मामलों को रोका जा सके।

उन्होंने कहा कि जीरो पेंडेंसी सुनिश्चित करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों को सम्मानित किया गया, जिससे इन अधिकारियों/कर्मचारियों की तरह अन्य लोगों को भी कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा मिली। उन्होंने आगे बताया कि समय सीमा के बाद भी लंबित आवेदनों पर चर्चा के लिए नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं और अनावश्यक देरी होने पर उचित कार्रवाई भी की जाती है। इसके इलावा प्रशासन को उन नागरिकों से बहुमूल्य सुझाव और प्रतिक्रिया भी प्राप्त होती है, जिन्होंने पिछले सात दिनों के भीतर सेवा केंद्र की सुविधाओं का उपयोग किया है।

उल्लेखनीय है कि जालंधर सेवा केंद्रों में कम से कम लंबित आवेदनों को सुनिश्चित करने और लोगों को नागरिक केंद्रित सेवाओं के सुचारू और शीघ्र वितरण को सुनिश्चित करने में पंजाब का अग्रणी जिला है।

बता दे कि 2003 में स्थापित स्कॉच अवार्ड उन लोगों, योजनाओं और संस्थानों को सलाम करता है, जिन्होंने भारत को एक बढ़िया राष्ट्र बनाने के लिए प्रयास किए हैं। स्कॉच अवार्ड्स डिजिटल, वित्तीय और सामाजिक समावेशन में सर्वोत्तम प्रयासों को मान्यता देते हैं। स्कॉच अवार्ड न केवल उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वालों, संगठनों और व्यक्तियों को सम्मानित करता है बल्कि प्रेरणादायक मार्गदर्शन और नेतृत्व को भी प्रोत्साहित करता है।

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