जालंधर के रणजीत अस्पताल में करवाएं हड्डी की बीमारी का विश्वस्तरीय इलाज - News 360 Broadcast
 जालंधर के रणजीत अस्पताल में करवाएं हड्डी की बीमारी का विश्वस्तरीय इलाज

 जालंधर के रणजीत अस्पताल में करवाएं हड्डी की बीमारी का विश्वस्तरीय इलाज

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  • डॉक्टर तरुणदीप सिंह करेंगे दूरबीन से हड्डियों की विमारियों का इलाज

जालंधर: (सतपाल शर्मा ) Get world class treatment of bone disease  पटेल चौक स्थित रणजीत अस्पताल पंजाब, हरियाणा,हिमाचल, जम्मू और कश्मीर का पहला ऐसा सेंटर बन गया है, जहां पर दूरबीन यानी आर्थ्रोस्कॉपी से इलाज होगा। आज तक ऐसे इलाज सिर्फ बड़े शहरों में ही मुमकिन थे । लेकिन रणजीत अस्पताल के ऑर्थो चिकित्सक डॉ तरुणदीप सिंह ने इसकी शुरआत जालंधर में भी कर दी है। यानी अब आपको बिना चिरफाड के हाथ की हड्डी की बीमारियों का विशवस्तरीये इलाज जालंधर के रणजीत अस्पताल में भी मिलेगा। जिससे ऑर्थो के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत होगी।कई वार हाथ की कलाई से लेकर उंगुलियों व ज्वाइंट्स में काफी संक्रमण से बीमारियां हो जाती है। गठिया रोग से भी ज्वाइंट काफी प्रभावित होते हैं। कई बार उंगुलियां टेडी हो जाती है।

कौन है डॉक्टर तरुणदीप सिंह, आओ जानें उनके वारे में ??

रणजीत अस्पताल के डॉ. तरूणदीप सिंह पूणे में संचेती अस्पताल, जहांगीर अस्पताल, सियादरी अस्पताल से आर्थोस्कॉपी में  माहरिता हासिल करने के बाद मरीजों को जालंधर के रणजीत अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे है ।  डीएमसी लुधियाना से एमबीबीएस,अमृतसर से पीजी करने के बाद पीजीआई में काम करने के बाद डॉ. तरूणदीप मुंबई चले गए जहां विष्व प्रसिद्ध डॉ अभिजीत वहेगोइन्कार से हैंड सर्जरी में माहिरता हासिल की।डॉ तरुणदीप सिंह ने घुटने और चूला बदलने की फेलोशिप मुंबई और जयपुर के प्रसिद्ध अस्पतालों से हासिल की। इन्होने अर्थरोस्कोपी और स्पोर्ट्स इंजरी में दूरबीन से की जाने वाली सर्जरी की फ़ेलोशिप दिल्ली से हासिल की है।

डॉक्टर तरुणदीप सिंह की महारता

दुर्अघटना के बाद कई बार मरीजों की बाजू बिलकुल सो जाती है या काम करना बंद कर देती है, कटे हुए हाथों का इलाज, स्पोर्टस इंजरी (क्रिकेट खेलने के दौरान लगी चोट), हाथ व कलाई की हड्डी का टूटना, बाजू का सो जाने की बीमारियों में डॉ. तरूणदीप सिंह माहिर हैं। वह इसमें से कई बीमारियों के इलाज के लिए आर्थोस्कॉपी का इस्तेमाल करने वाले पंजाब के पहले चिकित्सक होंगे। आर्थोस्कोपी में बिना चीरफाड़ के ही आप्रेशन किये जायेंगे , क्योंकि इसमें दूरबीन का इस्तेमाल होगा। यहाँ यह भी जिक्रोयग है कि रणजीत अस्पताल आयुष्मान भारत, सीजीएचएस (सेंट्रल गार्वमेंट हेल्थ स्कीम), जिप्सा (जनल इंश्योरेंस पब्लिक सेक्टर एसोसिएश), आरसीएफ यानी रेल कोच फैक्टरी, एफसीआई (फूड कारपोरेशन आफ इंडिया) और हिमाचल सरकार के तहत आने वाले मरीजों का भी इलाज करता है।

रणजीत अस्पताल विश्व प्रसिद्ध जहां पर खास तौर पर अभी तक सिर्फ छाती व फेफड़ों का इलाज करता आया था, लेकिन अब डॉ.  तरूणदीप सिंह हैंड सर्जरी में माहिरता हासिल कर जालंधर के रणजीत अस्पताल में अपनी सेवाएं देनी शुरू कर दी है।

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